आज के समय में किडनी फेल्योर एक गंभीर बीमारी बन चुकी है। ज़्यादातर मरीजों को डॉक्टर डायालिसिस या ट्रांसप्लांट का ही रास्ता बताते हैं। लेकिन HIIMS डेराबस्सी, चंडीगढ़ ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। यहाँ बिना मशीन के नेचुरल डायलिसिस के जरिए मरीजों का इलाज किया जाता है।
HIIMS का मानना है कि शरीर खुद को हील करने की ताकत रखता है। डॉक्टर यहाँ आयुर्वेद, नैचुरोपैथी और मॉडर्न टेस्ट्स का कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करते हैं। नेचुरल डायलिसिस के जरिए मरीज के शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकाला जाता है, जिससे किडनी फिर से एक्टिव और हेल्दी होने लगती है।
यहाँ DIP डाइट, पंचकर्मा और योग को मिलाकर शरीर की सफाई और हीलिंग प्रोसेस को फास्ट किया जाता है। यह प्रक्रिया न केवल किडनी फेल्योर बल्कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हार्ट प्रॉब्लम्स के लिए भी असरदार है।
HIIMS डेराबस्सी में ऐसे कई मरीजों की कहानियाँ हैं जो ट्रांसप्लांट की कगार पर थे लेकिन यहाँ आने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो गए। ये हॉस्पिटल इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि जब आयुर्वेद और आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी का सही संतुलन हो, तो नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है।
अगर आप भी किडनी फेल्योर जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो एक बार HIIMS डेराबस्सी ज़रूर विजिट करें। यहाँ आपकी सेहत को नेचुरली रिस्टोर करने का भरोसेमंद तरीका मौजूद है।
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